जोधपुर के व्यापारी से साइबर ठगी का मामला सामने आया है जहां बिजनेसमैन को करीब 6 करोड़ का फर्जी मुनाफा दिखाकर 68.71 लाख रुपए हड़प लिए।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना अंतर्गत सैयद हमीदुद्दीन ने रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि वह पिछले लंबे समय से शेयर मार्केट का काम कर रहा है। उसने बताया कि इसी वर्ष फरवरी में उसके मोबाइल नंबर को दो अलग अलग नाम के 'व्हाट्सएप ग्रुप' (victory vanguards team 1 और team 2) में जोड़ा गया। उसके बाद उस व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर मार्केट से जुड़ी टिप्स वगैरह दी जाती थी।
हमीदुद्दीन का कहना है कि शुरुआत में दी गई टिप्स भरोसे वाली थी। उसके बाद हमीदुद्दीन का कहना है कि ग्रुप एडमिन ने ही किसी विदेशी नंबरों से मुझे संपर्क किया और अपने नाम प्रणय और राहुल बताए।
उन्होंने मुझे कोई 'ग्रे मैटर्स कैपिटल' कम्पनी से जुड़े हुए बताए और उन्होंने अपनी कंपनी को सेबी से रजिस्टर्ड बताया। और मैने जब गूगल के थ्रू जांच पड़ताल की तो कंपनी के बारे में पढ़कर जानकारी हासिल कर मुझे उस पर भरोसा हो गया।
शुरुआत में भरोसा दिलाकर बाद में लुटा
हमीदुद्दीन का कहना है कि उन आरोपियों ने मुझे एक फर्जी ऐप ' Gray in 'में मेरा खाता खुलवाया और बताया की इसके जरिए शेयर ट्रेडिंग करो। उसके बाद उन्होंने मुझे इस एप के जरिए करीब 1 लाख जमा करवाए और उससे 1 से 2 करोड़ तक का मुनाफा भी बताया। और अपना भरोसा जीतने के लिए उन्होंने मुझे उस मुनाफे से कुछ रकम भी निकालने दी।
परिवार के भी खुलवाए खाते
पीड़ित हमीदुद्दीन ने बताया कि उन लोगों ने मुझे और निवेश के लिए प्रेरित किया और मेरे परिवार के भी खाते खुलवाए। और ऐसा करके उन्होंने मुझसे करीब 68 लाख 71 हजार रूपए जमा करवा लिए।
फर्जी ऐप में दिखाया 6 करोड़ का मुनाफा
पीड़ित हमीदुद्दीन ने बताया कि करीब 68 लाख रु की राशि जमा करके मुझे उस फर्जी ऐप से मेरा मुनाफा करीब 6 करोड़ रुपए दिखाया गया। लेकिन जब मैने उस राशि को निकालना चाहा तो वो राशि विड्रॉल नहीं हो पा रही थीं। मेरे पूछने पर उन लोगों ने बताया कि ऐप अपडेट नहीं है, टेक्निकल एरर और पैसा IPO में फंसा होने का बहाना बनाया। लगातार मुझे टालते जा रहे थे। बार बार ऐसा बर्ताव करने पर मुझे समझ में आया कि मेरे साथ ठगी की गई है।
पीड़ित हमीदुद्दीन ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात की है । और हमीदुद्दीन ने रिपोर्ट में कहा है कि मेरी राशि भी उनसे बरामद कर मुझे लौटाई जाएं।
